बालोद जिले में होगी हरियाली, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने छेड़ी मुहिम
20 जुलाई को जिलेभर के अलग-अलग जगहों पर रोपे जायेंगे 2 लाख पौधे

बालोद :- कोरोना काल एक भयावह वक्त था जब लोगों को प्राणवायु के लिए भारी जद्दोजहद करना पड़ा। कई लोगों को आॅक्सीजन नहीं मिलने से लोग दुनिया छोड़ कर चले गये तब लोगों को प्राणवायु की कीमत का अंदाजा हुआ।
ऐसे में प्राणवायु देने वाले पेड़ों को संरक्षित करना और नये सिरे से पेड़ लगाना बेहद जरूरी हो गया है। जिसको लेकर कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने एक मुहिम छेड़ दी है। आगामी 20 जुलाई को पेड़ लगाने के महाअभियान एक पेड़ मां के नाम का ऐलान कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने किया है।
जिसके तहत बालोद जिले के अलग अलग स्थानों में 2 लाख पौधे रोपित किये जायेंगे। जिससे बंजर जमीन में हरियाली आयेगी और बालोद जिला हरा भरा दिखने लगेगा।
लोगों में काफी उत्साह
बालोद जिला बनने के बाद पहली दफा इस जिले में इस तरह से पेड़ लगाने का महा अभियान छेड़ा गया है।
कलेक्टर दिव्या मिश्रा द्वारा इस महा अभियान का ऐलान किये जाने के बाद अभियान में शामिल होने के लिए लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। लोग अपने अपने तरीके से सोशल मीडिया पर रिल, पोस्ट, कंटेन्ट बनाकर शेयर कर रहे हैं। वहीं कलेक्टर सहित प्रशासनिक अधिकारी भी वीडियो के जरिये लोगों को पेड़ लगाने और महाअभियान में शामिल होने की अपील कर रहे हैं।
पर्यावरण प्रेमियों ने जताई खुशी
कलेक्टर दिव्या मिश्रा द्वारा दो लाख पौधे रोपित किये जाने के महाअभियान के ऐलान के बाद बालोद जिले के
ग्र्रीन कमांडो के नाम से मशहुर विरेन्द्र सिंह, पर्यावरण प्रेमी भोज साहू, यशवंत टंडन ने खुशी जताते हुए कहा कि बालोद जिले में जितना अधिक पेड़ होगा उतना ही प्रदुषण कम होगा और लोगों को शुद्ध आक्सीजन मिल पायेगा। पर्यावरण प्रेमियों ने कलेक्टर के प्रयासों की सराहना की।
पेड़ लगाने से ये हैं फायदे
पेड़ लगाने के कई फायदे हैं जिसे ध्यान में रखते हुए इस महाअभियान की शुरूआत की गई है। जिसमें वृक्ष कार्बन डाइऑक्साइड और श्वास ऑक्सीजन का आदान-प्रदान करते हैं। पेड़ों न केवल कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं बल्कि वातावरण से कई अन्य हानिकारक गैसों को भी अवशोषित करते हैं जिससे वातावरण को ताजगी मिलती है। इन दिनों वाहनों और औद्योगिक फैक्ट्रियों से बहुत प्रदूषण निकल रहा है। अधिक से अधिक पेड़ लगाने से प्रदूषित हवा से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी।
पेड़ पर्यावरण को शांत रखते हैं। वे गर्मी के असर को कम करने में मदद करते हैं। उनसे प्राप्त ठंडक का असर ऐसा है कि यह आसपास के स्थानों में 50ः तक एयर कंडीशनर की आवश्यकता को कम कर सकता है। पक्षी पेड़ों पर घोंसलों का निर्माण करते हैं जिससे उन्हें आश्रय मिलता है। पेड़ों पर फल लगते हैं जो पक्षियों, जानवरों और मनुष्यों के लिए भोजन हैं। गाय, बकरियां और अन्य शाकाहारी जानवर भी वृक्षों के पत्ते खाते हैं।
वृक्ष वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हानिकारक गैसों को न केवल अवशोषित करते हैं बल्कि जल प्रदूषण को भी नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।




