Wednesday, April 22, 2026

गौठान निर्माण करना मात्र  दिखावा था  पूर्व  नगर पालिका प्रशासन द्वारा  तांदुला जलाशय के किनारे बने   गौठानो पर लाखो रुपये किये गए थे खर्च लेकिन देख रेख के अभाव में गौठान  दिखावा मात्र रह गया  930NH मार्ग में पशुओ की आये दिन वाहनों की चपेट में आने से हो रही  पशुओं की मौते , कारण स्पस्ट है पशु मालिक लापरवाह  है ही नगर प्रशासन  को भी खबर का बेअसर है

 

         गौठान निर्माण करना मात्र  दिखावा था 

पूर्व  नगर पालिका प्रशासन द्वारा  तांदुला जलाशय के किनारे बने   गौठानो पर लाखो रुपये किये गए थे खर्च लेकिन देख रेख के अभाव में गौठान  दिखावा मात्र रह गया 

930NH मार्ग में पशुओ की आये दिन वाहनों की चपेट में आने से हो रही  पशुओं की मौते , कारण स्पस्ट है पशु मालिक लापरवाह  है ही नगर प्रशासन  को भी खबर का बेअसर है

बालोद :- तत्कालीन सरकार की योजना के तहत् नगर पालिका द्वारा जिला मुख्यालय स्थित तांदुला जलाशय के किनारे लाखों रूपए खर्च कर गौधाम गौठान का निर्माण किया गया है। शासकीय जमीन पर विस्तृत क्षेत्र में बनाए गए गौठान में मवेशियों के चारे, पानी के लिए बोर खनन, चारागृह, धूप- बरसात से मवेशियों को बचाने एवं अन्य सभी व्यवस्था के तहत् भी लाखों रूपए खर्च किए गए हैं लेकिन उक्त गौठान निर्माण के पश्चात् नगर के प्रमुख मार्गों में खुलेआम घूमने एवं प्रमुख मार्गों में बैठे मवेशियों को उक्त गौठान तक ले जाने की दिशा में अब तक समुचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

औचित्यहीन साबित हो रहा है लाखों रूपए खर्च कर बनाया गया गौठान

नगर पालिका प्रशासन के अधिकारी कर्मचारियों की लापरवाही तथा जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के चलते जहां लाखों रूपए खर्च कर बनाया गया गौठान औचित्यहीन साबित हो रहा है वहीं उनकी लापरवाहियों के चलते आए दिन भारी वाहनों की चपेट में आने से बेजुबान मवेशियों की मौत हो रही है साथ ही आमजन को शारीरिक एवं आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

बेफ्रिक होकर अपने पालतू पशुओं को खुला छोड़ कर भूल चुके हैं पशुपालक

बता दे कि विगत् कुछ वर्षों से पशुपालन में लोगों की रूचि घटती जा रही है। पशुपालक अपने पालतू मवेशियों को घर से निकाल कर प्रमुख मार्गों में छोड़े जा रहे हैं। नगर के पशुपालकों की घोर लापरवाहियों के पश्चात् भी नगर पालिका प्रशासन द्वारा भी पशुपालकों की इस लापरवाहियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई जिसके चलते अब शहरी क्षेत्र के पशुपालक बेफ्रिक होकर अपने पालतू पशुओं को खुला छोड़ कर भूल चुके हैं। घर से बेघर हुए मवेशी नगर के सभी व्यस्ततम क्षेत्रों के साथ ही नगर के मध्य से गुजरे नेशनल हाईवे में झुंड के झुंड बैठे रहते हैं जिसके चलते दोपहिया, चारपहिया वाहन चालकों को शारीरिक एवं आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है वहीं भारी वाहनों की चपेट में आने से आए दिन मवेशियों की मौत हो रही है।

नेशनल हाईवे 930 पर मवेशियों के गाड़ियों की चपेट में आने से लगातार हो रही है मौतें

बता दे कि शहर से होकर गुजरने वाली नेशनल हाईवे 930 पर मवेशियों के गाड़ियों की चपेट में आने से लगातार मौत हो रही है लेकिन नगर पालिका प्रशासन द्वारा सड़क पर बैठे मवेशियों को पकड़ने के लिए कोई भी अभियान नहीं चलाया गया है। नगर में मवेशियों के लिए गौठान की व्यवस्था होने के बाद भी मवेशी मुख्य मार्ग पर बैठे रहते हैं जिसके कारण आए दिन मवेशी दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। कुछ दिन पहले ही देर रात्रि को लगभग 2 से 5 बजे के बीच जिला मुख्यालय के दल्लीराजहरा मुख्य सड़क में शिवनाथ कॉम्प्लेक्स के समीप अज्ञात वाहन ने आठ मवेशियों को रौंद दिया जिससे सात मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई जिसको देखकर हर कोई सिस्टम को कोसता नजर आया।

सड़क में मवेशियों का झुंड होने से राहगीर भी हो रहे है दुर्घटना का शिकार

लोगों ने सवाल उठाए की कांजी हाउस, गौठान, रोका छेका अभियान जैसी योजनाओं में बड़ी राशि खर्च करने के बाद भी मवेशी गली मुहल्ले व मुख्यमार्ग पर आसानी से बैठे व घूमते दिखाई देते हैं। सड़क में मवेशियों का झुंड होने से राहगीर भी दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं जिसके बाद भी नगर पालिका प्रशासन एवं अन्य जिम्मेदार जनप्रतिनिधि तथा जिला प्रशासन की ओर से अब तक ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

 

 

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