Tuesday, March 3, 2026

अग्नि नक्षत्र के पहले बरसात मानव जीवन के लिए घातक है:= डॉ निरंजन वर्मा जी* *=सर्प दंश बिच्छू दंश और चूहों की आतंक होगी* *वर्षा काल में जन सामान्य को रहना होगा सावधान

 

अग्नि नक्षत्र के पहले बरसात मानव जीवन के लिए घातक है:= डॉ निरंजन वर्मा जी*
*=सर्प दंश बिच्छू दंश और चूहों की आतंक होगी*
*वर्षा काल में जन सामान्य को रहना होगा सावधान

 

बालोद:=* विगत दिनों पंचगव्य विद्यापीठम गुरुकुलम के कुलपति डॉ निरंजन वर्मा जी द्वारा भीषण गर्मी और अग्नि नक्षत्र पर सभीगव्य सिद्ध डॉक्टरों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान करते कहा कि हमारा देश ईश्वर प्रदत्त मौसम ,भूगोल,और वातावरण का देश है और सनातन धर्म आधारित आयुर्वेद मे मनुष्य मात्र के लिए नक्षत्रों के मानव स्वस्थ में पढ़नेवाले प्रभाव का विस्तृत विवेचनहै जिसके केंद्र बिंदु में गौमाता है ।

जिसके बिना आयुर्वेद की कल्पना भी संभावना भी नहीं है ।इसीलिए अमर हुतात्मा राजीव दीक्षित भाई ने गाय के से निरोगी भारत का सपना संजोया था।

जिसे पूरा करने कि जिम्मेदारी हम सबने लिया है।पथ्य ,कुपथ्य,दिनचर्या,आहार विहार का आयुर्वेद की जीवन पद्धति को पालन करते हुए गौ माता द्वारा प्रदत्त पंच गव्य द्वारा निर्मित औषधियों का अनुपान करते हुए निरोगी काया को प्राप्त कर सकते हैं।पूज्य गुरुजी डॉ निरंजन वर्मा जी के मार्ग दर्शन शिक्षा प्राप्त कर विद्यापीठम गुरुकुलम से गव्य सिद्ध डॉक्टर का कोर्स पूर्ण कर पंचगव्य चिकित्सा पद्धति में कैंसर विशेषज्ञ की आहर्ता प्राप्त समूचे अंचल में प्रसिद्ध नाड़ी विशेषज्ञ डॉ पुरुषोत्तम सिंह राजपूत ,गव्य सिद्ध डॉ टेमिन साहू, गव्य सिद्ध डॉ मनीष (दोनों प्रसूति विशेषज्ञ) द्वारा संचालित किसलय पंचगव्य चिकित्सा एवं अनुसंधान केंद्र,होम्यो एवम आयुर्वेद एजेंसी द्वारा जन मानस को आगाह किया है कि अग्नि नक्षत्र में पढ़ने वाली भीषण गर्मी में बचने के लिए ताड़ का फल,गंगा इमली,आम का पना पीकर भीषण गर्मी से बचने का निर्देश पूज्य गुरु जी प्रदान किया है।साथ ही अग्नि नक्षत्र के ठीक पहले अगर पानी गिर जाए तो प्रकृति में सर्प,बिच्छुओर चूहों की जन संख्या में वृद्धि होती है।इस तरह की संयोग इस वर्ष बन पड़ा है अतएव सर्प दंश, बिच्छू दंश और चूहों की उत्पात होगी हमे सावधान रहना होगा। सर्प दंश और बिच्छू दंश होने पर कालमेघ के पत्तों कोचबकर खाने से जहर उतार जाता है। बिच्छू दंश में अमृत धारा को लगाने से राहत मिलती है।सर्प दंश की अवस्था में होम्योपैथी मेडिसिन नाज़ा 200 का प्रयोग किसी विशेषज्ञ चिकित्सक के परामर्श से लिया जा सकता है। उक्तशय की जानकारी गव्य सिद्ध डॉ पुरुषोत्तम सिंह राजपूत ने दी।

 

 

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