Tuesday, March 3, 2026

भगवान विष्णु के छठवें अवतार भगवान परशुराम का जन्म उत्सव मंगलवार को बालोद शहर में सर्व ब्राम्हण समाज द्वारा धूम धाम से मनाया गया और नगर भृमण कर उनके आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प 

 

भगवान विष्णु के छठवें अवतार भगवान परशुराम का जन्म उत्सव मंगलवार को बालोद शहर में सर्व ब्राम्हण समाज द्वारा धूम धाम से मनाया गया और नगर भृमण कर उनके आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प 

बालोद :- भगवान विष्णु के छठवें अवतार भगवान परशुराम का जन्म उत्सव मंगलवार को बालोद शहर में धूम धाम से मनाया गया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

सर्व ब्राह्मण समाज जिला बालोद के द्वारा परशुराम जन्मोत्सव पर स्थानीय गंगासागर स्थित भगवान परशुराम जी की प्रतिमा के समक्ष विद्वान ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर अभिषेक के साथ हवन, आरती पश्चात शाम को शहर में शाम 7 बजे भव्य शोभायात्रा बाजे-गाजे के साथ निकाली गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विप्र जन पारंपरिक परिधान में दिखाई दिए।

शोभायात्रा की शुरूआत परशुराम मंदिर से जयस्तंभ चौक, धडी चौक, पुराना बस स्टैंड, सदर रोड़, हलधर चौक, मोखला माझी मंदिर,इंदिरा चौक जयस्तंभ चौक से होते हुए परशुराम मंदिर में शोभा यात्रा का समापन किया गया। शोभा यात्रा का जगह-जगह स्वागत भी किया गया। शोभायात्रा में भगवान परशुराम पर आधारित तैयार की गई झांकी आकर्षण का केंद्र रही।

साथ ही ब्राह्मण समाज के घरों में महिलाओं ने रंगोली बनाकर दीप जलाया गया और विप्र महिलाओं ने थाल में भगवान परसुराम की आरती भी की। बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज की महिलाओं कीसहभागिता शोभायात्रा के नगर भ्रमण में भी रही। जिला मुख्यालय के परसुराम चौक में स्थित चित्र पर पुष्प अर्पित कर भगवान परशुराम का आशीर्वाद लिया। सर्वप्रथम भगवान परशुराम चौक पर भगवान परशुराम की प्रतिमा पर पूजन अर्चन के साथ ही कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

विप्र समाज को भगवान परशुराम के जीवन से शिक्षा लेते हुए आगे बढ़ना चाहिए

समग्र ब्राह्मण समाज बालोद के जिला अध्यक्ष अटल दुबे ने बताया कि भगवान परशुराम चिरंजीवी है वह हमेशा अमर रहेंगे, भगवान परशुराम केवल विप्र समाज के ही भगवान नहीं है वह तो सर्व समाज के भगवान हैं और जिस भी व्यक्ति ने भगवान परशुराम की सच्चे मन से पूजा अर्चना की है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। भगवान परशुराम एक उदारवादी और पितृ भक्त व मातृ भक्त एक तपस्वी थे,जिन्होंने विश्व कल्याण के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया विप्र समाज को भगवान परशुराम के जीवन से शिक्षा लेते हुए आगे बढ़ना चाहिए और अपनी आने वाली पीढ़ियों को भी भगवान परशुराम के पद चिन्हों पर चलने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

इस दौरान जिलाध्यक्ष अटल दुबे,प्रमोद दुबे,प्रकाश उपाध्याय, अरुण उपाध्याय, खिलेंद्र मिश्रा, संजय शर्मा, आदित्य दुबे, शुभम मिश्रा, सोनू मिश्रा, राजा दुबे, रमेश शर्मा, विष्णु दुबे, दीपक उपाध्याय,धीरज उपाध्याय,गोरेलाल शर्मा,प्रमोद शर्मा,प्रदीप पांडेय,बिट्टू दुबे,हरीश शर्मा,वैभव शर्मा,विनोद शर्मा, संतोष दुबे,मोंटू दुबे  गौरव शर्मा,अतुल शर्मा,हेमन्त तिवारी,राजा तिवारी, सुमित् शर्मा, आशीश शर्मा, शोरव शुक्ला, जितेंद पानडे,रवि पााडे,
सहित बड़ी सख्या में ब्राह्मण समाज की महिलाए,पुरुष व बच्चे बड़ी सख्या में शामिल रहे।

 

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