मौसमी बिमारियों से निपटने के लिए पीएचई विभाग तैयार
गांव में जल बहिनियों का गठन कर पानी जांच के लिए दिया प्रशिक्षण

बालोद :- बारिश का मौसम आते ही गंदे पानी के चलते कई तरह की बिमारियां लोगों में देखते को मिलती है। ऐसे में मौसमी बिमारियों से निपटने के लिए पीएचई विभाग पूरी तरह से तैयार है। लोगों में जागरूकता लाने के लिए पीएचई विभाग की ओर से योजना तैयार कर ली गई है और गांवों में जल बहिनियों का गठन कर बिमारियों से नियंत्रण की कवायद शुरू कर दी गई है।

दरअसल बीते दिनों तरौद और रानीतराई गांव में डायरिया का कहर देखने को मिला। हालांकि रानीतराई गांव में डायरिया संक्रमण की शुरूआत में पीएचई विभाग संक्रमण से निपटने में कामयाब रही। यही वजह है कि उस गांव में डायरिया के केवल पांच ही मरीज सामने आये और सभी मरीज समय पर स्वस्थ होकर वापस भी लौट गये।
लोगों तक साफ पानी पहुंचाने का प्रयास

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग बालोद के कार्यपालन अभियंता सागर वर्मा ने बताया कि जिले में जल जनित बीमारियो से बचने के लिए मानसून में पानी जांच का अभियान प्रारम्भ किया गया है, ताकि गांव में सभी को साफ पानी मुहैया कराया जा सके और पानी से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रहे। जिसकी शुरूआत जुंगेरा पंचायत के आश्रित ग्राम रानीतराई से कर दी गई है। जहां जल बहिनियों का गठन किया गया और उन्हें पानी जांच के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रशिक्ष़्ाण दिया गया। ताकि समय समय पर पीने के पानी की जांच उनके द्वारा की जा सके।
प्रयोगशाला में होगी पानी की जांच
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता सागर वर्मा ने बताया कि बारिश के मौसम में पानी से होने वाली बिमारियों से बचने के लिए पानी जांच के लिए हर ग्राम पंचायत में एफ.टी. के कीट उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे गांव में होने वाली पीने के पानी की समय समय पर जांच की जायेगी।
सागर वर्मा ने बताया कि कीट के साथ साथ पानी जांच के लिए जिला एन.ए.बी.एल. प्रमाणित प्रयोगशाला की सुविधा विभाग में उपलब्ध है। जहां गांव से इकट्ठा किये गये पानी की जांच की जायेगी। अगर पानी में किसी तरह की शिकायत पाई जाती है तो तत्काल उसका समाधान विभाग के माध्यम से समय पर कर लिया जायेगा। जिससे लोगों को पानी से किसी तरह की समस्या और बिमारियों का खतरा नहीं होगी।




