Tuesday, March 3, 2026

एनएच 930 बालोद से झलमला के बीच तांदुला नदी पर बना पुल हादसे को  दे रही है बुलावा कई घटना घटने के बाद भी लापरवाह विभाग को संज्ञान नही न रोज गुजरते प्रशासनिक एवं जनप्रतिनिधियों को संज्ञान मरम्मत के नाम पर एनएच विभाग ने पिछले एक सप्ताह से जगह-जगह गड्ढे खुदवाकर दिए है, छोड़ मौके पर किसी प्रकार के संकेतक बोर्ड भी नही जनता की खामोशी का फायदा विभाग को जिसे  बड़ी घटना को  दे रही है, खुला आमंत्रण

 

एनएच 930 बालोद से झलमला के बीच तांदुला नदी पर बना पुल हादसे को  दे रही है बुलावा कई घटना घटने के बाद भी लापरवाह विभाग को संज्ञान नही न रोज गुजरते प्रशासनिक एवं जनप्रतिनिधियों को संज्ञान

मरम्मत के नाम पर एनएच विभाग ने पिछले एक सप्ताह से जगह-जगह गड्ढे खुदवाकर दिए है, छोड़ मौके पर किसी प्रकार के संकेतक बोर्ड भी नही जनता की खामोशी का फायदा विभाग को जिसे  बड़ी घटना को  दे रही है, खुला आमंत्रण

 

बालोद :-  एनएच 930 बालोद से झलमला के बीच तांदुला नदी पर बना पुल हादसे को बुलवा दे रहा है। पुल की मरम्मत के नाम पर एनएच विभाग ने पिछले एक सप्ताह से जगह-जगह गड्ढे खुदवाकर छोड़ दिए हैं और मौके पर किसी प्रकार के संकेतक बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में वाहन चालक यहां दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। खास करके दो पहिया वाहन चालकों के यहां गिरने की कई घटनाएं हो चुकी है। बावजूद इसके विभाग का ध्यान नहीं है।

पुल का मरम्मत करने के नाम पर गड्ढे खोदकर भुला एनएच विभाग

बालोद जिला मुख्यालय में भले ही नेशनल हाइवे की सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है लेकिन शहर में प्रवेश करने से पहले गड्ढों, सरिया व उखड़े पुल से राहगीरों का स्वागत हो रहा है। इस जर्जर पुल की मरम्मत के नाम पर भले ही खानापूर्ति जिम्मेदार विभाग द्वारा की गई है लेकिन वर्तमान में पुल की जो स्थिति है, उससे सड़क दुर्घटना हो सकती है। जिला मुख्यालय से लगे नेशनल हाईवे 930 बालोद दुर्ग मुख्य मार्ग में तांदुला नदी पर बने पुल के पथ में आधे दर्जन से अधिक गड्डे व दरार पड़ गई है। जहां सरिया और कंकरीट अलग हो गए हैं। साथ ही वाहनों की धमक से दरार भी आ गई हैं। एनएच 930 बालोद से झलमला के बीच तांदुला नदी पर बने 16 साल पुराने पुल का मरम्मत करने के लिए खोदे गए गड्ढों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है।

इसी पुल से आना जाना करते है कलेक्टर एसपी सहित तमाम अधिकारी

एनएच विभाग को द्वारा मरम्मत के नाम पर गड्ढे खोदकर छोड़ दिया। खोदे गए गड्ढे में राजगीर दुर्घटना का शिकार हो रहे है।इसी गड्ढे युक्त पुल से प्रतिदिन गुजरकर कलेक्टर, एसपी सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी अपने दफ्तर पहुंचते हैं, पुल में हिचकोले खाने के बाद भी अधिकारियों ने व्यवस्था सुधारने कोई पहल नहीं कर रहे हैं। इसमें लोगो को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

तांदुला पुल में जगह-जगह गिट्टियां उखड़ने से पुल पर आधा दर्जन से अधिक बन गए गड्ढे

जानकारी के अनुसार यह तांदूला नदी सेतु विभाग ने करोड़ों की लागत से 2008 व 2009 में पुल का निर्माण किया था। उक्त पुल के नीचे तांदुला नदी की धारा बहती है। जो कभी भी सुखती नहीं है। इसके ऊपर पुल की सड़क है। यह पुल 198 मीटर लंबा है।तांदुला जलाशय छलकने के वजह से तांदुला नदी में बाड़ आ जाती थी। बाड़ से लोगो को राहत देने के लिए सेतु विभाग द्वारा तांदुला नदी पर लगभग 6 करोड़ की लागत से बने पुल की हालत खराब है। दर्जनों खंभों पर बने 198 मीटर लंबा पुल का निर्माण 2008 09 में हुआ था। अब जगह-जगह गिट्टियां उखड़ने से पुल पर आधा दर्जन से अधिक गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में फंसकर यात्री चोटिल हो रहे हैं लेकिन किसी जिम्मेदार का ध्यान इस तरफ नहीं जा रहा है।

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