बिना पुस्तक, बिना शिक्षक, टूटे और जर्जर शाला भवन, ये कैसा प्रवेश उत्सव :- आदित्य दुबे महामंत्री युवा जिला कांग्रेस बालोद

बालोद :- भाजपा सरकार की शाला प्रवेश उत्सव मनाने की तैयारी को राजनीति नौटंकी करार देते हुए जिला महामंत्री युवा कांग्रेस आदित्य दुबे ने कहा है कि जो किताबें बच्चों के स्कूली बैग में होने चाहिए शिक्षण सत्र शुरू होने से पहले ही कबाड़ी की दुकानों में बिक रहे युक्ति कारण के नाम पर पिछले शिक्षण सत्र की तुलना में छत्तीसगढ़ के 10372 सरकारी स्कूल कम हो गए , भयादोहन से व्यथित प्रदेश भर के शिक्षा हड़ताल पर हैं , रखरखाव के अभाव में कई स्कूल जर्जर अवस्था में है और आत्ममुग्ध सरकार के शाला प्रवेश उत्सव मनाने की तैयारी कर रहे हैं ।
युवा कांग्रेस के महामंत्री दुबे ने कहा कि भाजपा सरकार अपनी नाकामी को छुपाने के लिए केवल इवेंट बाजी कर रही है सरकार के फोकस में शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करना है ही नहीं, इसलिए लगातार अव्यवहारिक निर्णय थोप रही है । नए सेटअप के नाम पर प्राइमरी , मिडिल और हाई स्कूल तथा हायर सेकेंडरी में न्यूनतम पदों की संख्या में कटौती की गई, छात्र शिक्षक अनुपात बढ़ाए गए और 10000 से अधिक स्कूलों को मर्ज कर दिया गया है , इनके डायस कोड विलोपित किया जा चुके हैं।
युवा कांग्रेस के महामंत्री ने आगे बताया कि स्कूली छात्रों को यह सरकार न गणेश दे पा रही है ना सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल का वितरण हो पा रहा है, ना ही पाठ्यपुस्तक समय पर छात्रों को उपलब्ध है। पिछले शिक्षण सत्र के दौरान भी लगातार यह शिकायत आई कि उसी सत्र की किताबें कबाड़ की दुकान और कागज गलाने के कारखाने तक पहुंचाए गए। वर्तमान सत्र में भी यही हाल है, स्कूल खुलने से पहले ही जो किताबें स्कूली बच्चों के बच्चों में होने चाहिए, कमीशन खोरी के चलते कबाड़ की दुकानों में पहुंचना शुरू हो गया है। भाजपा की सरकार मोटे कमीशन के लालच में निजी स्कूलों को संरक्षण देने के लिए सरकारी शिक्षा व्यवस्था को ध्वज करने में तुली हुई है।




