Monday, March 2, 2026

सर्दियों की दस्तक के साथ ही बालोद जिले के डोंडीलोहारा विकासखंड का खरखरा जलाशय प्रवासी  विदेशी पक्षी मेहमानों से गुलजार हो उठा है सभी बड़ी जलाशय,,

 

सर्दियों की दस्तक के साथ ही बालोद जिले के डोंडीलोहारा विकासखंड का खरखरा जलाशय प्रवासी  विदेशी पक्षी मेहमानों से गुलजार हो उठा है सभी बड़ी जलाशय,,

बालोद :- सर्दियों की दस्तक के साथ ही बालोद जिले के डोंडीलोहारा विकासखंड का खरखरा जलाशय विदेशी मेहमानों से गुलजार हो उठा है. करीब 8000 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर रेड क्रिस्टेड पोचार्ड ,लेशर विस्लिंग डक सहित कई दुर्लभ प्रवासी पक्षी यहां पहुंच चुके हैं.।

यूरोप से लेकर अफ्रीका तक के विभिन्न देशों से आए इन परिंदों ने के जंगल, तालाबों और जलाशय में रौनक बढ़ा दी है।हर वर्ष की तरह इस बार भी जैसे ही उत्तरी देशों में कड़ाके की ठंड और बर्फबारी शुरू हुई, वैसे ही भारत प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित और अनुकूल ठिकाना बन गया.।

भोजन की प्रचुर उपलब्धता, अनुकूल तापमान और सुरक्षित वातावरण के कारण ये पक्षी हजारों किलोमीटर का कठिन सफर तय कर सर्दियों का मौसम भारत में बिताने आते हैं. यह प्राकृतिक प्रवासन केवल मौसम परिवर्तन की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के संतुलन और जैव विविधता को बनाए रखने की एक महत्वपूर्ण कड़ी भी है।

डोंडी लोहारा विकासखंड में पदस्थ सहकारिता विस्तार अधिकारी और पक्षी प्रेमी श्री सोमेंद्र कुमार साहू ने रविवार को पक्षी अवलोकन के दौरान विकासखंड मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर ग्राम घोरदा के समीप खरखरा जलाशय में इन पक्षियों को देखा है। श्री साहू में बताया कि अपने 2 घण्टे के अवलोकन के दौरान लगभग 25 से ज्यादा पक्षियों को रिकार्ड किये है।

जिसमे प्रवासी पक्षी रेड क्रिस्टेड पोचार्ड और लेशर विस्लिंग डक की संख्या लगभग 500 से अधिक थी। भ्रमण के दौरान स्थानीय निवासी श्री बलवीर ठाकुर भी साथ में थे।श्री साहू इन यात्रा के दौरान अल्ट्रामेरिन फ्लाईकेचर, ब्लैक रेडस्टॉर्क,व्हाइट आई बजार्ड,लाफिंग डव,पर्पल हेरॉन,प्लेन प्रीनिया,लिटिल रिंग प्लावर,सनबर्ड,रेड वेंटेड बुलबुल जैसे 25 से ज्यादा पक्षीयो को रिकार्ड किया ।
*छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट कोपरा जलाशय को घोषित किया गया है।*
यह खबर इसलिए अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को छत्तीसगढ़ का प्रथम रामसर आद्रभूमि में शामिल किया गया है। इस नजरिए से यह स्थान अधिक महत्त्वपूर्ण हो सकता है ।श्री साहू ने बताया कि खरखरा जलाशय का यह तट प्रवासी पक्षियों के लिए बहुत अनुकूल है।इस जगह पर बार हेडेड गुज, नॉर्थन पिनटेल ,ब्लूथ्रोट ,साइबेरियन बर्ड ,पेंटेड स्टार्क भी देखे जा सकते है जो हिमालय को पार कर भारत पहुचते है।इनमे से कुछ पक्षियाँ यहां प्रजनन भी करती है। श्री साहू के द्वारा हाल ही में रुसे जलाशय में कॉमन क्रेन की तस्वीर भी लिया गया था जो अब तक छत्तीसगढ़ में एक ही जगह रिकार्ड हुआ है।
*पक्षी तस्कर एवं शिकारी से इस जगह को बचाना होगा*
जैसे ही सर्दियों में प्रवासी पक्षी भारत आना प्रारम्भ करते है पक्षी तस्कर एवं स्थानीय शिकारियों द्वारा इन पक्षियों का शिकार प्रारम्भ हो जाता है। इन लोगो पर वन विभाग द्वारा कड़ी कार्यवाही किया जाना चाहिए ताकि इन पक्षियों का संरक्षण किया जा सके और विश्व के पक्षियों के फ्लाइवे में बालोद जिले का नाम दर्ज हो सके।

 

 

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