जिला मुख्यालय के विकास में रोड़ा बनने वालों की होगी बोलती बंद, बीजेपी के जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख एवं भाजपा के वरिष्ठ कद्दावर नेता यशवंत जैन ने नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव को सौपा ज्ञापन , जानें पूरा मामला….

बालोद :- अक्सर बालोद जिला मुख्यालय में किसी अच्छे काम की शुरुआत होती है तो अड़ंगा डालने के लिए कुछ लोगों के दिमाग में चूल मचने लगती है। चाहे बात हो राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की या फिर बात करें रेलवे फाटक से लेकर दल्ली चौंक तक सड़क निर्माण की। अपने स्वार्थ भुनाने के लिए नगर के विकास में बाधा डालने की कोशिश में जुट जाते हैं। लेकिन अब विकास पर खलल डालने की नियत शायद अब किसी काम की नहीं होगी। क्योंकि इस बार एक सत्ताधारी पार्टी के कद्दावर नेता की कलम चली है।

दरअसल बालोद को जिला बने 13 साल पूरे हो चुके हैं लेकिन जिले के अनुरूप बालोद का विकास तो नहीं हुआ बल्कि बालोद जिला बनने के बाद शहर और भी पीछे चला गया। जिसकी वजह है बालोद जिले के कुछ लोग जिनकी वजह से बालोद जिला मुख्यालय में जिले के अनुरूप कोई भी विकास काम दिखते नहीं। पहले कलेक्ट्रेट सहित तमाम कार्यालय सिवनी शिफ्ट हुए और फिर जिला सत्र न्यायालय भी जाने को तैयार है। अब बचे खुचे विकास कार्य पर भी सेंध लगाने की कोशिश कुछ लोगों द्वारा की जा रही है।

राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए प्रस्तावित डिवाइडर का विरोध
झलमला चौक से लेकर शेरपार तक बनने वाले सड़क में बालोद जिला मुख्यालय से होकर गुजरने वाली सड़क पर डिवाइड भी एस्टीमेट में था। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग के इर्द गिर्द रहने वाले कुछ लोगों ने डिवाइडर का विरोध किया। जिसके चलते बालोद जिला मुख्यालय की सुंदरता पर ग्रहण लग गया।
सरकारी जमीन पर दुकान का सामान
दरअसल राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे रहने वाले कुछ व्यापारियों ने डिवाइडर का इसलिए विरोध किया क्योंकि वह अपने दुकान का सामान दुकान के सामने सरकारी जमीन पर सड़क पर ही रख देते हैं। अगर सड़क के बीचो-बीच डिवाइडर बनती है तो उनके सामान रखने के लिए जगह नहीं बचेगी इसलिए उन्होंने कई तरह का बहाना प्रशासन के सामने पेश करते हुए डिवाइड पर रोक लगा दी। ताकि उनके स्वार्थ की पूर्ति हो सके। प्रशासन की टीम अगर एक दिन बालोद जिला मुख्यालय से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग मार्ग पर जांच के लिए गुजरेगी तो पूरी कहानी स्पष्ट हो जाएगी।
भाजपा जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख और कद्दावर नेता यशवंत जैन ने मंत्री से की मुलाकात
बालोद जिला मुख्यालय से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर डिवाइड नहीं बनने से बीते कई दिनों से सड़क हादसे हो रहे हैं और नगर की सुंदरता पर भी ग्रहण लग चुका है। जिसके चलते बालोद के 99 फीसदी नगरवासी लगातार डिवाइडर बनाने की मांग कर रहे हैं। नगर वासियों की मांग और हादसों पर लगन लगाने के लिए सत्ता पक्ष के जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख और पूर्व राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के सदस्य व गद्दावर नेता यशवंत जैन ने छत्तीसगढ़ शासन के नगरी प्रशासन मंत्री अरुण साहू से मुलाकात की।
डिवाइडर के साथ विद्युत पोल लगाने की मांग

जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख और यशवंत जैन ने नगरी प्रशासन मंत्री से मुलाकात कर यशवंत जैन के लेटर पैड पर दोनों ने हस्ताक्षर कर एक पत्र सौंपा। पत्र के माध्यम से दोनों ने मंत्री के समक्ष मांग रखी की झलमला चौंक से पर्यावरण पार्क तक बने राष्ट्रीय राजमार्ग 930 में विद्युत पोल के साथ डिवाइडर का निर्माण किया जाए। ताकि हादसों पर लगाम लगे और शहर की सुंदरता भी बढ़े।
रेलवे फाटक से दल्ली चौंक पर भी हो डिवाइडर
इस बार बालोद रेलवे फाटक से दल्ली चौंक तक नहीं सिरे से सड़क का निर्माण किया जाना है। जिसके लिए सरकार की ओर से राशि भी स्वीकृत हो गई है इस सड़क निर्माण के लिए जो स्टीमेट तैयार किया गया है उसमें डिवाइडर को भी शामिल किया गया है। लेकिन जानकारी निकाल कर सामने आ रही है कि पिछली बार की तरह इस बार भी कुछ लोग अपने स्वार्थ भुनाने के लिए डिवाइड निर्माण पर अड़ंगा डाल रहे हैं। जिसमें कई लोग ऐसे हैं जो अपनी वास्तविक जमीन से आगे बढ़कर भवन और व्यवसायिक उपयोग के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर डिवाइडर का निर्माण होता है तो अवैध रूप से अतिक्रमण किए शासकीय जमीन भी निशाने पर होगा। जिसके चलते शहर के कुछ लोग डिवाइडर निर्माण पर रोक लगाने में जुटे हुए हैं लेकिन आवश्यकता है कि सत्ताधारी पार्टी जिस तरह राष्ट्रीय राजमार्ग पर डिवाइडर निर्माण के पुरजोर प्रयास में जुटी हुई है इस तरह रेलवे फाटक से दल्ली चौंक तक बनने वाले सड़क पर भी डिवाइडर निर्माण कराने के पक्ष में समर्थन दे।




