जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. जे.एल. उइके की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग बालोद के राष्ट्रीय कार्यक्रमों लिए समीक्षा बैठक
बैठक में राष्ट्रीय कार्यक्रम जैसे मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन कार्यक्रम, टी.बी, एन.सी.डी., एन.वी.बी.डी.सी.पी., अधत्व निवारण कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ट उन्मूलन कार्यक्रम, आयुष्मान भारत योजना, महामारी नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा कर दिए कड़े निर्देश

बालोद :- कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला बालोद के सभा गृह में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. जे.एल. उइके जिला बालोद की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग बालोद के राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा किया गया। जिला नोडल अधिकारी (एन.टी.ई.पी./ एन.सी.डी./आयुष्मान भारत), जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एन.एच.एम.) अखिलेश शर्मा की उपस्थिति में समस्त सेक्टर सुपरवाइजर की समीक्षा बैठक लिया गया। बैठक में राष्ट्रीय कार्यक्रम जैसे मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन कार्यक्रम, टी.बी, एन.सी.डी., एन.वी.बी.डी.सी.पी., अधत्व निवारण कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ट उन्मूलन कार्यक्रम, आयुष्मान भारत योजना, महामारी नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा की गयी।

बैठक में आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत वयवंदना योजना जिसमें 70 वर्ष से अधिक समस्त हितग्राहियों का शत् प्रतिशत कार्ड बनाये जाने हेतु कड़ी चेतावनी देते हुये माह जुलाई के अंत तक कार्ड बनाने के निर्देश दिये गये, उल्टी दस्त की शिकायत वाले ग्रामों में सतर्क रहने तथा सूचना तंत्र मजबुत बनाने के निर्देश दिये गये,।

मलेरिया के प्रति समस्त मैदानी अमलो को सतर्क रहने तथा समय पर उपचार के निर्देश दिये गये, आधार आधारित उपस्थिति, ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस एप द्वारा मॉनीटरिंग, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान द्वारा उच्च जोखिम वाली महिलाओं की समीक्षा, गर्भवती पंजीयन प्रथम तिमाही में किये जाने हेतु कार्ययोजना बनाकर कार्य करने, सेक्टर बैठक में लक्ष्य दम्पत्तिवार समीक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम में प्रगति तथा उक्त कार्यक्रमो की समयावधि में मासिक रिपोर्ट की प्रविष्टि कराये जाने, उच्च जोखिम वाले गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं फॉलोअप, सभी गर्भवती महिलाओं का 4 जाँच अनिवार्य रूप से पूर्ण कराये जाने, एवं जाँच हेतु छुटे गर्भवती महिलाओं की पहचान कर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने, एनीमिक गर्भवती महिलाओं का विशेष देखभाल एवं खान-पान में सुधार कराने, संस्थागत प्रसव में वृध्दि करने, समस्त बच्चों का पूर्णटीकाकरण, पोषण पुनर्वास केन्द्र में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने, सिकल सेल एनीमिया शतप्रतिशत जाँच, समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में वृक्षारोपण तथा शासन द्वारा जारी कार्य विभाजन के आधार पर समस्त कार्यक्रमों की ऑनलाईन एण्ट्री करने के निर्देश दिये गये।




