प्रेसवार्ता भाजपा कार्यलय बालोद में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा – मनरेगा में छत्तीसगढ़ नाम जोड़ा था तो भूपेश बघेल दिल्ली जाकर रोने लगे थे, बाद में महात्मा गांधी नाम किया, कांग्रेस को छग नाम से घृणा थी

बालोद :- छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अजय चंद्राकर सोमवार को बालोद दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय बजट को लेकर पत्रकारों से चर्चा की। पत्रकारों ने उनसे पूछा कि जब 100 दिन के रोजगार की गारंटी पूरी नहीं हो पाती, तो 150 दिन का लक्ष्य कैसे पूरा होगा।
इस पर चंद्राकर ने कहा कि पहले केंद्रीय बजट में मनरेगा का प्रावधान लगभग 95 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। जिससे रोजगार 150 दिन का टारगेट पूरा होगा। उन्होंने कहा कि इससे आम जनता, किसान और मजदूर वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा।
इस दौरान उन्होंने मनरेगा के नाम बदलने के मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब यह योजना शुरू हुई, तब वे ग्रामीण विकास मंत्री थे और उस समय विधेयक में यह प्रावधान था कि योजना के साथ अन्य नाम जोड़ सकते थे। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ में इसका नाम छत्तीसगढ़ रोजगार गारंटी अधिनियम रखा गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष रहे भूपेश बघेल दिल्ली पहुंच कर रोने लगे, कि सहाब छत्तीसगढ़ का नाम जोड़ दिया गया। फिर छत्तीसगढ़ का नाम हटवाकर महात्मा गांधी का नाम जोड़ा गया। चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस को छत्तीसगढ़ के नाम से ही घृणा थी और नाम बदलने का काम भाजपा ने नहीं, बल्कि कांग्रेस ने पहले किया।
कांग्रेस के पास न दिशा है, न दूरदृष्टि :– अजय चंद्राकर
पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास न तो कोई स्पष्ट दिशा है और न ही दूरदृष्टि, इसी कारण वह धीरे-धीरे राजनीति के हाशिये पर जा रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना पर कांग्रेस को चुनौती
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश में अब तक 28 लाख मकानों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि कोई भी कांग्रेसी इन आंकड़ों को हिंदी या अंग्रेजी में लिखकर सही-सही बता दे, तो वे उसे इनाम देंगे।




