Tuesday, March 3, 2026

तांदुला जलाशय में भालू की  हुई थी मौत और  दफन मामले में जाच रिपोर्ट  आने पर  हुआ खुलासा , भालु के पंजों और गुप्तांग को काट के किया गया था अलग मामला हुआ उजागर तो कटे अंग को  भी वही किया था दफन  इस मामले में दोषियों पर आरोप तय कर जिला सत्र न्यायालय को पत्र प्रेषित

 

तांदुला जलाशय में भालू की  हुई थी मौत और  दफन मामले में जाच रिपोर्ट  आने पर  हुआ खुलासा ,

भालु के पंजों और गुप्तांग को काट के किया गया था अलग

मामला हुआ उजागर तो कटे अंग को  भी वही किया था दफन 

इस मामले में दोषियों पर आरोप तय कर जिला सत्र न्यायालय को पत्र प्रेषित

बालोद :-  तांदुला जलाशय में भालू की मौत के बाद कुल्लूबाहरा के जंगल में दफनाने के मामले की जांच रिपोर्ट आ गई है। 22 मार्च को जांच के लिए वन विभाग व पशु चिकित्सा विभाग की टीम बनाई गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक भालू की मौत की जानकारी वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को नहीं दी गई।

सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी हर्रीठेमा भूषण लाल ढीमर के निर्देश पर भालू को दफनाया गया।
रिपोर्ट में लिखा है कि भालू के शव को दफनाते समय सुरक्षा श्रमिक कीर्तन कुंजाम ने चारों पंजे व गुप्तांग को काटा। पंजे को काटने में वन विभाग के अग्नि प्रहरी इंद्रराज ने भी सहयोग किया।

भालू को वन विभाग सहायक वन परिक्षेत्र हरठिमा अंतर्गत मालगांव में पदस्थ भृत्य चरण कुमार साहू ने भी दफन करने में सहयोग किया। वन विभाग के नेकीनकुआं परिसर को रक्षक विशेखा नाग के पति ईश्वर लाल ठाकुर, मनोहर व चरण साहू मौजूद रहे। ईश्वर लाल ने अपनी पत्नी को भी नहीं बताया। डीएफओ बलभद्र सरोटे ने 24 मार्च को सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी भूषण लाल ढीमर, वन रक्षक बिशेखा नाग व मुल्ले के वन रक्षक डरेन पटेल को सस्पेंड कर दिया था।

अब दो और वन कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।रिपोर्ट के मुताबिक कोर्तन कुंजाम पिता कलीराम कुंजाम निवासी मालगांव, इंद्रराज पिता सताराम निवासी देउतराई अग्नि प्रहरी औराभाठा परिसर ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है।

उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के लिए न्यायालय में मामला प्रस्तुत करने वन परिक्षेत्र अधिकारी बालोद को निर्देशित किया गया है। सभी दोषियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

 

 

 

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