जिले में लगातार हरे भरे वृक्षो की कटाई होने से पर्यावरण पर पड़ रहा गहरा ”
एक तरफ गीली लकड़ी और ताजे कटे पेड़ों को सूखी लकड़ी बता कर खपाया जा रहा है आरामिलों में…
विश्वहिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने आरामिलो पर शासन प्रशासन से कड़ी कार्यवाही की मांग

बालोद :- एक ओर बढ़ती गर्मी के प्रकोप से आम जनता अभी से हलकान और परेशान है, वहीं दूसरी ओर बढ़ती गर्मी का सबसे बड़े कारण पेड़ों की कटाई होना है ये जानते बुझते भी लकड़ी तस्करों के लालच में फंसकर जिले के कई किसान अपने खेतों में लगे पेड़ो की बलि दे रहे है। वहीं पंचायतों के सरपंच भी बिना कुछ सोचे समझे और बिना देखे प्रमाण पत्र जारी कर रहे है, वहीं वन विभाग चैन की नींद सो रहा है।
वनविभाग परिक्षेत्र अधिकारी ने राजस्व विभाग पर ठीकरा फोड़, अपने कर्तव्यों से झाड़ा पल्ला….
जिले के चिखलाकसा में स्थित एक आरामिल में पेड़ो को काटकर शनिवार को ट्रैक्टर ट्राली के माध्यम से दिनदहाड़े पहुंचाए जाने की जानकारी उपाध्यक्ष द्वारा राजहरा क्षेत्र के वनविभाग परिक्षेत्र अधिकारी को दी। जिस पर अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत कुसुमकसा के द्वारा जारी एक प्रमाण पत्र, रसीद सहित ट्रैक्टर की फोटो फोन पर भेज बबुल और करही प्रजाति की लकड़ी का प्रतिबंधित श्रेणी में नहीं आने, पंचायत सरपंचों को मिले अधिकारों सहित खेतों के कटे पेड़ों पर राजस्व विभाग को कार्यवाही करने का अधिकार है कि बात कहकर हमेशा की तरह पल्ला झाड़ लिया गया।
पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र में नहीं है दिनांक का उल्लेख…
ग्राम पंचायत कुसुमकसा के सरपंच द्वारा कृषक मनहरण को जारी किए गए प्रमाण पत्र अनुसार किसान के निजी जमीन पर रहे सुखी करही प्रजाति की लकड़ी बेचने/चिराने की अनुमति सहित राजहरा तक परिवहन हेतु अनुमति दी गई है। उक्त प्रमाण पत्र में दिनांक का कोई उल्लेख नहीं है, वहीं प्रमाण पत्र हेतु सौ रुपए की एक रसीद भी काट कर दी गई है, जिसमें 19 अप्रैल की दिनांक अंकित है।
गीली लकड़ी और ताजा कटे पेड़ों को सूखी लकड़ी बता खेला जा रहा है ये खेल….
पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र के अनुसार लकड़ी को सूखी बताया गया है, वहीं ट्रैक्टर के साथ पहुंची लकड़ी की जो फोटो वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा भेजी गई उसमें स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि पूरी लकड़ी गीली और ताजा कटे पेड़ों की है। सूखी लकड़ी की जगह गीली लकड़ी को लाने पर कार्यवाही करने की बात कहने पर फिर से मूलचंद शर्मा ने राजस्व विभाग पर ठीकरा फोड़,इस मामले से पल्ला झाड़ लिया।
किसानों को चंद रुपयों का लालच दे, हजारों पेड़ों को दिया काट…..
जिले सहित ब्लॉक के वन विभाग, राजस्व विभाग और ऊंची पहुंच वाले आरामिल संचालकों के संरक्षण में अपराधियों के हौंसले बुलंद है। जिले भर में तामेश सिन्हा, टांडिया और बबलू जैसे कई लकड़ी तस्करों द्वारा चंद रुपयों के लालच सहित खेत में ज्यादा धान होने की बात कहकर भोले भाले किसानों को बहला फुसलाकर प्रतिबंधित प्रजाति के हजारों पेड़ों को काट जिले सहित रायपुर की आरामिलों में खपाया जा चुका है।
आरामिलों को बंद करने की उठी मांग…
विहिप के जिला उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने मांग की है।
बालोद जिले में पेड़ो की कटाई रुकने का नाम नहीं ले रही है। इसे रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से जिले में संचालित आरामिलों को बंद कर देना चाहिए। जब बढ़ती गर्मी और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए बोरखनन पर पाबंदी लगाई जा सकती है तो लगातार पेड़ों की कटाई को रोकने हेतु आरामिलों को भी बंद किया जाना चाहिए।




