Monday, March 2, 2026

जिला कांग्रेस कमेटी बालोद द्वारा मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत स्थानीय राजीव भवन के सामने किया गया एक दिवसीय धरना प्रदर्शन 

 

जिला कांग्रेस कमेटी बालोद द्वारा मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत स्थानीय राजीव भवन के सामने किया गया एक दिवसीय धरना प्रदर्शन 

बालोद :- मनरेगा योजना के नाम में बदलाव को लेकर सियासी टकराव अब सड़क पर उतर आया है।कांग्रेस ने इसे सिर्फ नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार की पहचान से छेड़छाड़ करार देते हुए प्रदेशभर में मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत कर दी है।

इसी क्रम में चरणबद्ध आंदोलन के तहत रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी बालोद द्वारा मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत स्थानीय राजीव भवन के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। धरना देने का मुख्य उद्देश्य मोदी सरकार द्वारा मनरेगा के नाम और मुल स्वरुप में बदलाव के खिलाफ आवाज़ बुलंद करना था। देशभर में चल रहे मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत शनिवार को राजीव भवन में प्रेस वार्ता के बाद विरोध का यह दूसरा कार्यक्रम था।

जिलाध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा की सोमवार से पंचायत स्तर से शुरू होकर यह अभियान 25 फरवरी तक राष्ट्रीय स्वरुप लेगा। जिसमे कांग्रेस श्रमिकों के साथ मिलकर उनका रोजगार का अधिकार वापस दिलाने और मनरेगा को उसके मूल स्वरुप में वापस लाने के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी।

हम गाँव गाँव जाकर करेंगे मनरेगा के हितग्राहियों को जागरूक

इस दौरान विधायक संगीता सिन्हा ने कहा की मोदी सरकार के इन बदलावों के तहत मजदूरी मनमाने ढंग से तय की जाएगी, न न्यूनतम मजूदरी की गारंटी रहेगी ना बढ़ोतरी की कोई गारंटी. फसल कटाई के मौसम में मनरेगा का काम बंद होने से ग्रामीण मजदूरों की अन्य कामो के बेहतर मजदूरी की मांग करने की ताकत मोदी सरकार खत्म करना चाहती है।हम गाँव गाँव जाकर मनरेगा के हितग्राहियों को जागरूक करने का काम करेंगे।

देश की सबसे प्रभावशाली और सफल योजनाओं में से एक है मनरेगा

डौंडीलोहारा विधायक अनिला भेंड़िया ने कहा की CAG ऑडट सहत 200 से अधक अध्ययनों ने यह दखाया है मनरेगा देश की सबसे प्रभावशाली और सफल योजनाओं में से एक है, मनरेगा में बदलाव से बेरोज़गारी में वृद्धि होगी, न्यूनतम मज़दूरी दिए बिना लोगों का श्रम के लए शोषण होगा, शहरों की ओर मजबूरी में होने वाला पलायन बढेगा।

कोविड के दौरान मोदी सरकार ने बिना किसी योजना के कर दिया था लॉकडाउन

मनरेगा बचाओ संग्राम की बालोद जिला समन्वयक सीमा वर्मा ने कहा की कोवड-19 महामारी के दौरान, जब मोदी सरकार ने बिना किसी योजना के लॉकडाउन लागू कर दया, उसके चलते लाखों प्रवासी मज़दूर घर लौटने को मजबूर हुए और काम से वंचत हो गए। ऐसे समय में मनरेगा ने 4.6 करोड़ परवारों को रोज़गार दिया था, जिले में इस कार्यक्रम की सफलता के लिए और काम की गारंटी, मज़दूरी की गारंटी, जवाबदेही की गारंटी और मनरेगा में किए गए बदलावों की तत्काल वापसी को लेकर हम प्रतिबद्ध है। धरना प्रदर्शन को सोनादेवी देशलहरे और साहू ने भी संबोधित किया। धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से कृष्णा दुबे, संजय चंद्राकर, रामजीभाई पटेल, यज्ञदेव पटेल, संजय साहू, मिथलेश नुरुटी, भोलाराम देशमुख, कमलेश श्रीवास्तव, प्रेमचंद क्षीरसागर, नारायण साहू, भोजराज साहू, संतुराम पटेल, गोपाल प्रजापति, अनिल यादव, अंचल प्रकाश साहू, नुरुल्ला खान, मीना उमाशंकर साहू, वैभव पूजा साहू, प्रशांत बोकडे, सुचित्रा साहू, केदार देवांगन, दिनेश साहू, अमृता नेताम, कल्याणी चंद्राकर, पद्मनी साहू, कसिमुद्दीन कुरैशी, सतीश यादव, विनोद शर्मा, सुमीत शर्मा, रीता सोनी, किरण साहू, चमेली साहू,योगेश्वरी साहू, हरीश चंद्राकर, धीरज उपाध्याय, शम्भू साहू, दिनाराम चेलक, भूपेंद्र चंद्राकर, नरेन्द्र सिन्हा, गंगाराम साहू, गजेंद्र ठाकुर, अगर सिंह गंजीर, धर्मेन्द्र रामटेके, रोहित सागर, देवेन्द्र साहू, आदित्य दुबे, अजीत साहू, हरचरण कात्याल, कमल टुवानी, तुलाराम ठाकुर,राजेंद्र सोनकुटिया, जमील बक्श, गुलाम मोईनुद्दीन, दाउद खान, डामेश्वर देशमुख, सादिक अली, किशोर साहू, विमलेश साहू, राकेश उईके, जीतेन्द्र पटेल, ऐनु साहू, मुरलीधर भुआर्य सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए. कार्यक्रम का संचालन महामंत्री रत्तीराम कोसमा ने और आभार प्रदर्शन रवि प्रकाश यादव ने किया।

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