Monday, March 2, 2026

बालोद जिले में डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ कलेक्टर श्रोमती दिव्या उमेश मिश्रा ने ग्राम जुंगेरा में किसान फिरूराम के खेत में पहुँचकर सर्वे कार्य का किया अवलोकन

 

बालोद जिले में डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ
कलेक्टर श्रोमती दिव्या उमेश मिश्रा ने ग्राम जुंगेरा में किसान फिरूराम के खेत में पहुँचकर सर्वे कार्य का किया अवलोकन


बालोद, :- 18 अगस्त राज्य शासन के निर्देशानुसार बालोद जिले में एग्रीस्टैक परियोजना अंतर्गत डिजिटल फसल सर्वेक्षण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज आला अधिकारियों के साथ बालोद विकासखण्ड के ग्राम जुंगेरा में किसान श्री फिरूराम के खेत में पहुँचकर खसरा नंबर 676/6 में सर्वेयर एवं राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा किए जा रहे डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य का अवलोकन किया।

इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को डिजिटल फसल सर्वेक्षण के कार्य को निर्धारित समयावधि में त्रुटिरहित ढंग से पूरा कराने के निर्देश भी दिए।

इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, एसडीएम श्री नूतन कंवर, तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा एवं अन्य अधिकारियों के अलावा राजस्व निरीक्षक, पटवारी एवं कृषकगण उपस्थित थे।
इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सर्वेयर के द्वारा मोबाईल एप्प के माध्यम से किए जा रहे डिजिटल फसल सर्वेक्षण के कार्य का गहनता के साथ अवलोकन कर इसके संबंध में आवश्यक जानकारी ली।

इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित किसानों से बातचीत कर डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य के संबंध में जानकारियां भी दी। कलेक्टर ने कहा कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण के माध्यम से अब किसानों द्वारा खेत में बोए जाने वाली फसलों एवं क्षेत्रफल की वास्तविक जानकारी मिल सकेगी।

उन्होंने बताया कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य के अंतर्गत सर्वेयर द्वारा संबंधित खसरा नंबर में जाकर डिजिटल क्राॅप सर्वे एप्प के माध्यम से संबंधित खेत का तीन फोटो खीचकर इसकी प्रविष्टि की जाएगी। इससे फसल के रकबे को कम या अधिक लिखे जाने की संभावना समाप्त हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे से किसानों को बहुत जरूरी लाभ प्राप्त हो सकेगा। इनमें किसानों को कृषि उपज बेचने के लिए अब अपने दस्तावेजों का बार-बार सत्यापन कराने से मुक्ति मिल जाएगी।

इसके साथ ही फसल से जुड़ी सारी अहम जानकारी भी किसानों को एक जगह मिल जाएगी। इससे किसानों को अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचना आसान हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि सर्वेयर द्वारा डिजिटल सर्वेक्षण कार्य के उपरांत पटवारी द्वारा इसका सत्यापन भी किया जाएगा।

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