बालोद पुलिस को मिली बड़ी सफलता
चोरो ने बनाये थे छूट भैय्ये चोरो के साथ अंतरजिला चोरो का गिरोह की टीम
ग़ैर जिलों के साथ बालोद जिले के लगभग 18 जगहों पर चोरी की घटना को दिये थे अंजाम ,,
लेकिन तीसरी आंख और जिले के पुलिस की मुस्तैदी से कानून के हथकंडे चढ़े चोर, अंजाम जेल की सलाखों तक पढ़े पूरी खबर विस्तार से

बालोद:- पुलिस ने थाना क्षेत्र बालोद, गुंडरदेही, देवरी, अर्जुंदा, दुर्ग, बेमेतरा और राजनांदगांव के छुरिया सहित 18 स्थानों में चोरी के अंतरजिला चोर गिरोह के तीन सदस्यों के साथ चोरी के गहने खरीदने वाले सुनार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 30 लाख के सोने-चांदी के गहने, 90 हजार नगद, घटना में उपयोग की गई मोटर साइकिल, एक कार, लोहे का रॉड आदि बरामद किया गया है।
चोरी के आरोपी पकड़े गए

आरोपी आरिफ खान उर्फ राजा खान पिता बसारत खान (41) शांति नगर चिखली राजनांदगांव, अनवर खान पिता स्व इकबाल खान (54) नेवई भिलाई, राजू मेश्राम पिता राजेन्द्र मेश्राम (24) राजनांदगांव व सोनार नथमल सोनी पिता स्व चंपालाल सोनी (24) चिखली राजनांदगांव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर टीम गठित की

रविवार को प्रेसवार्ता में एसपी योगेश कुमार पटेल ने बताया कि 27 अप्रैल को उमरादाह व झलमला बालोद में रात्रि को दो घरों में सोने-चांदी के जेवरात सहित नगदी चोरी हुई। एसडीओपी देवांशसिंह राठौर व थाना प्रभारी रविशंकर पांडेय ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद थाना बालोद और साइबर सेल की टीम बनाई गई। घटनास्थल में डाग स्क्वायड को बुलाया गया। धारा 331(4), 305, बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
सीसीटीवी से जुटाए फुटेज

पुलिस टीम ने त्रिनयन ऐप के माध्यम से आसपास के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से 3 संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हांकित किया। बालोद से दुर्ग रोड, गुंडरदेही, अर्जुन्दा होते हुए राजनांदगाव पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों का फुटेज प्राप्त कर तकनीकी साक्ष्य के आधार पर कार्य किया। राजनांदगांव के आसपास कैंप कर संदिग्ध मोटरसाइकिल की पहचान करने का प्रयास किया। मोटर साइकिल का नंबर प्लेट फर्जी होना पाया। तीनों संदेही गमछा से चेहरे को बांधे थे। उन सभी का चेहरा स्पष्ट नहीं हो रहा था।
आरोपियों को यहां से किया गिरफ्तार

एक सीसीटीवी फुटेज में एक आरोपी का चेहरा स्पष्ट दिखा, जिसकी पहचान राजनांदगांव निवासी आरोपी आरिफ खान उर्फ राजा खान के रूप में हुई। पूछताछ पर अनवर खान, राजू मेश्राम के साथ मिलकर चोरी को अंजाम देना स्वीकार किया। एक टीम भिलाई नेवई से अनवर खान को पकड़कर बालोद लाई। केरल गई टीम को पता चला कि राजू मेश्राम अपने परिवार के साथ गोवा चला गया है। तत्काल टीम गोवा रवाना हुई। आरिफ खान व अनवर खान से पूछताछ पर चोरी के जेवरात को नथमल सोनी को देना बताया। टीम नथमल सोनी निवासी राजनांदगांव को पकड़कर बालोद लाई।
दूसरे जिले में जाकर चोरी करते थे मोटरसाइकिल

आरोपी अपने निवास से दूसरे जिले जाकर मोटरसाइकिल चोरी करते थे, फिर नंबर प्लेट बदलते थे। सीट के नीचे 2-3 नंबर प्लेट रखे रहते हैं। चोरी के बाद नंबर प्लेट को बदल देते थे। सूने मकान में चोरी कर फरार हो जाते थे। नगदी रकम को खाने, पीने एवं अपने दैनिक खर्च में उपयोग करते हैं। सोने व चांदी के जेवरात को नथमल सोनी निवासी राजनांदगांव को कम कीमत पर बेचकर पैसा आरोपी आपस में बांट लेते थे।




