शासकीयकरण की मांग को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा से आश्वासन मिलने के बाद ग्राम पंचायत के सचिवों ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त

बालोद:- शासकीयकरण की मांग को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा से आश्वासन मिलने के बाद ग्राम पंचायत के सचिवों ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया है। जिसकी पुष्टि कर सचिव संघ के जिलाध्यक्ष महेंद्र साहू ने बताया कि जिले के जितने सचिव हड़ताल पर डटे थे, वह सब सोमवार से काम पर लौटेंगे।दो दिन पहले ही पंचायतों में सचिव संबंधित कामकाज के लिए रोजगार सहायकों के अलावा तकनीकी सहायक, इंजीनियर, करारोपण अधिकारी, सहायक विस्तार अधिकारियों को अधिकृत किया गया था। इस संबंध में जिला पंचायत के उप संचालक ने आदेश जारी किया था। हालांकि अधिकांश पंचायतों में अधिकृत अधिकारी व कर्मचारी सचिवां का कामकाज कुछ दिन बाद संभालने वाले थे। इसके पहले ही सचिवों ने हड़ताल खत्म करने का निर्णय ले लिया।रायपुर में विधानसभा घेराव, रैली निकालने के बाद पिछले माह के 18 तारीख से 18 अप्रैल तक ग्राम पंचायत के सचिव हड़ताल पर डटे रहे।
सचिवां ने 20 अप्रैल को जंतर-मंतर मैदान दिल्ली के लिए रवाना होकर 21 अप्रैल से मांग पूरी होने तक हड़ताल करने की रणनीति बनाई थी। एक माह तक हड़ताल पर डटे रहने वाले ग्राम पंचायत के सचिवों का कहना है कि अभी आश्वासन मिला है, इसलिए हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने का निर्णय लिया गया है।
मांग अधूरी रहेगी तो आगे आंदोलन के लिए रणनीति बनाई जाएगी। सचिव संघ के अनुसार पंचायत सचिवों को शासकीयकरण की गांरटी दी गई है लेकिन अब तक शासकीयकरण के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जिला स्तर के अफसरों का कहना है किशासन स्तर का मामला है।
महेन्द्र साहू जिलाध्यक्ष महेंद्र साहू ने बताया कि पंचायत सचिव 30 वर्षों से पंचायतों में सेवा दे रहें है। मोदी की गांरटी को पूरा करने के संबंध में 7 जुलाई 2024 को इन्डोर स्टेडियम रायपुर के सभागार में मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उप मुख्यमंत्री, मंत्री महिला बाल विकास विभाग तथा घोषणा पत्र के संयोजक सांसद दुर्ग की उपस्थिति के बीच सभी ने सचिवों को जल्द ही शासकीयकरण करने का भरोसा दिलाया था।डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा- मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी सरकार सचिवों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने आश्वासन दिया कि शासकीयकरण व अन्य मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार कर आगे सकारात्मक निर्णय लेगी। सचिवों की समस्याओं के
निर्णय लेगी।
सचिवों की समस्याओं के निराकरण के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे। डिप्टी सीएम ने सचिवों से जल्द काम पर लौटकर विकास कार्यों व लोगों से जुड़े कार्यों को कराने प्राथमिकता देने की अपील की है। गौरतलब है कि वैकल्पिक व्यवस्था के बावजूद ग्राम पंचायतों मं जनहित से जुड़े प्रभावित हो रहे थे।
वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अधिकांश पंचायतों में रोजगार सहायकों को सचिव का कामकाम सौंपा गया था बावजूद काम पर असर पड़ रहा था।




