Monday, March 2, 2026

जिले के सिंचाई विभाग की अनियमितता आई सामने गोंदली जलाशय से रेवती नवागांव तक करोड़ो की लागत से बन रही सीसी नहर लाइनिग निर्माण कार्य की अभी से खुलने लगी है भर्स्ट कारनामो की पोल

जिले के सिंचाई विभाग की अनियमितता आई सामने गोंदली जलाशय से रेवती नवागांव तक करोड़ो की लागत से बन रही सीसी नहर लाइनिग निर्माण कार्य की अभी से खुलने लगी है भर्स्ट कारनामो की पोल

अभी से पड़ने लगी है नहर लाइनिग में दरारे सीमेंटीकरण में निकल रही है रेत जबकि अभी निर्माण कार्य है बाकी

ग्रामीणों ने घटिया निर्माण की इसकी शिकायत जिला शासन प्रशासन से करने की बात कही

बालोद :- बालोद सिंचाई विभाग के अंतर्गत गोदली जलाशय से रेवती नवागांव तक 7.3 किमी सीसी लाइनिंग का निर्माण कार्य में अनियमितता सामने आई है।सीसी लाइनिंग में जगह जगह दरारे पढ़ने लगी है। विभाग और ठेकेदार मिलीभगत से निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ और जगह जगह उखड़ने लगे हैं। इसके साथ ही हाथ से रेत निकल रही है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लाइनिंग कार्य में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है।

नहर लाइनिंग की लागत करीब 3.33 करोड़ रुपये है।घटिया निर्माण का अंदाजा इसी से लगा सकते है कि जहां सीमेंटीकरण हुआ है, वहां से आसानी से हाथ से रेत निकल रही है। इसके बावजूद विभाग, जिला प्रशासन, शासन की ओर से ठेकेदार पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

कोहंगाटोला गांव में 15 दिन पहले ही लाइनिंग का काम पूरा हुआ था। लेकिन निर्माण की गुणक्ता इतनी खराब है कि अब दोबारा नहर लाइनिंग करनी पड़ेगी। ग्रामीणों ने बताया कि नहर की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि मरम्मत से भी इसे ठीक नहीं किया जा सकता। इसे पूरी तरह तोड़कर फिर से निर्माण करवाना ही एकमात्र विकल्प है।

ग्राम मनोद के ग्रामीणों ने कहा कि जिस नहर पर किसानों की फसल और भविष्य निर्भर है। उसी को घटिया तरीके से बनाकर किसानों के मजाक किया जा रहा है। इस घोटाल की जल्द शिकायत करेंगे। इसमें लाइनिंग कार्य में अनियमितताएं बरती जा रही है। जगह-जगह बड़ी दरारें एवं गढ्ढे हो गए हैं।

सिंचाई विभाग के अनुसार यह क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित परियोजना है। खेत तक बांध का पानी पहुंचाने किसानों की बरसों पुरानी मांग के बाद गोंदली जलाशय से रेवती नवागांव तक नहार लाइनिंग के लिए 3.33 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली थी।

काम पूरा कराने की जिम्मेदारी स्थानीय ठेकेदार को दिया गया लेकिन विभाग की गुणवत्ता खराब होने के बावजूद जिम्मेदारों ने अब तक ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं किया गया है।

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